बांग्लादेश के सिनेमाघरों में ‘इमरजेंसी’ नहीं होगी रिलीज़
मुंबई । बालीवुड की फिल्म इमरजेंसी को बांग्लादेश में बैन कर दिया गया है। भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा तनावपूर्ण राजनीतिक संबंध और फिल्म के विषय को लेकर यह फैसला लिया गया है। कंगना रनौत की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म में बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति और स्वतंत्रता सेनानी शेख मुजीबुर रहमान की हत्या को दिखाया गया है, जो वहां के लोगों के लिए संवेदनशील विषय है। शेख मुजीबुर रहमान को बांग्लादेश में फादर ऑफ द नेशन कहा जाता है। उनकी हत्या को फिल्म में दर्शाने को लेकर बांग्लादेश की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा, फिल्म में 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और बांग्लादेश की आजादी में इंदिरा गांधी की भूमिका को भी दिखाया गया है, जो विवाद का कारण बन गया है। फिल्म का सफर भी विवादों से भरा रहा। पहले इसे 14 जून 2024 को रिलीज़ किया जाना था, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते इसकी रिलीज़ टाल दी गई। इसके बाद 6 सितंबर की तारीख तय हुई, लेकिन सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया। कंगना को इसके लिए हाईकोर्ट तक जाना पड़ा। अदालत के आदेश के बाद कुछ सीन्स में बदलाव किए गए, जिसके बाद सेंसर बोर्ड ने इसे मंजूरी दी।
‘इमरजेंसी’ भारत में 1975-77 के दौरान लगाए गए आपातकाल की घटनाओं पर आधारित है। कंगना रनौत इसमें भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका निभा रही हैं। यह फिल्म उनके निर्देशन में बनी है। कंगना ने अपने इस किरदार के लिए गहन शोध किया और उनके लुक को भी काफी सराहा गया है। फिल्म में कंगना के साथ अनुपम खेर, श्रेयस तलपड़े और दिवंगत अभिनेत सतीश कौशिक जैसे सितारे मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता है।


चुनाव आयोग का सख्त निर्देश: मतदान से एक दिन पहले बिना अनुमति नहीं छपेंगे राजनीतिक विज्ञापन
पंजाब से हारते ही CSK का शर्मनाक रिकॉर्ड
रायपुर IIM के मंच से जयशंकर का दमदार संदेश, छात्रों को दिखाई नई दिशा
मालदा घेराव विवाद: माकपा का बचाव—“जब अन्याय कानून बन जाए, विरोध जरूरी”
AIADMK पर आरोपों पर पलानीस्वामी का पलटवार: स्टालिन को गिनाईं अपनी योजनाएं