इंपैक्ट प्लेयर नियम को लेकर बहस जारी
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में इंपैक्ट प्लेयर नियम को लेकर बहस जारी है। जहां स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या इसे सही नहीं मानते। वहीं भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मेहेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि जब इस नियम को पहली बार लागू किया गया तो वह इसकी जरूरत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे पर अब उन्हें लगता है कि ये टी20 क्रिकेट के विकास का ही एक हिस्सा है। धोनी हालांकि अपने को इंपैक्ट प्लेयर नहीं मानते हैं। इसका कारण है कि वह अभी भी विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका निभाते हैं।
धोनी ने कहा, ‘जब पहली बार यह नियम लागू किया गया तो मुझे लगा कि वास्तव में इसकी जरूरत नहीं है हालांकि कुछ हद तक ये उनके लिए फायदेमंद रहा भी और नहीं भी। साथ ही कहा कि मैं अभी विकेटकीपिंग कर रहा हूं, इसलिए मैं इंपैक्ट प्लेयर नहीं हूं। मुझे इसके अनुसार ही आगे बढ़ना होगा। कई लोगों का कहना है कि इस नियम के कारण बड़े स्कोर बन रहे हैं पर मेरा मानना है कि खिलाड़ियों के सहज होकर खेलने से ऐसा हो रहा है क्योंकि अब उनके ऊपर दबाव नहीं है। वहीं रोहित और पांड्या जैसे खिलाड़ियों का मानना है कि इस नियम से ऑल राउंडरों को नुकसान हो रहा है। टीम इंपैक्ट प्लेयर की भूमिका के लिए आक्रामक बल्लेबाजों को ही शामिल कर रही है।
धोनी ने कहा कि इस नियम से टीमों को कड़ी हालातों में एक अतिरिक्त बल्लेबाज रखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि एक अतिरिक्त बल्लेबाज रखने के कारण ही बड़े स्कोर बन रहे हैं। यह मानसिकता से भी जुड़ा है। टीमों के पास अब एक अतिरिक्त बल्लेबाज की सुविधा है, इसलिए वे अधिक आक्रामक तरीके से खेल रही हैं। इसी से इस प्रारुप का भी विकास हो रहा है।


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