झारखंड में अब नहीं चलेगा माफिया राज और हाथियों का आतंक! मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश, अवैध माइनिंग पर होगी सीधी जेल
Ranchi में मानव-हाथी संघर्ष को लेकर सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि केवल हाथी ही नहीं, बल्कि भालू, लकड़बग्घा और सांप जैसी जंगली प्रजातियों के लिए भी एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार की जा रही है। उद्देश्य साफ है—घटनाओं को कम करना और पीड़ितों को त्वरित राहत देना।
सरकार इस पर भी काम कर रही है कि घटना होने पर कम समय में मुआवजा दिया जाए और अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचें। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी राज्यों में मुआवजा राशि अलग-अलग है। जहां घटनाएं कम होती हैं, वहां मुआवजा अधिक मिलता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य बेहतर व्यवस्था की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है।
घटनाओं के ट्रेंड का विश्लेषण
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020-21 से अब तक की हर घटना और उसके ट्रेंड का विश्लेषण किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि मानव-हाथी संघर्ष जैसी घटनाओं को वैज्ञानिक और प्रशासनिक उपायों से नियंत्रित किया जाए।
दामोदर नदी में अवैध माइनिंग पर हंगामा
विधानसभा में दामोदर नदी का प्रवाह मोड़कर अवैध खनन का मुद्दा भी उठा। मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि टास्क फोर्स गठित है और सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि विधायक सरयू राय ने हालिया तस्वीरें दिखाकर धारा बदलने और पेयजल परियोजना प्रभावित होने का दावा किया। उन्होंने जांच की मांग की।


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